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Bihar Land Dispute: घर बैठे ऑनलाइन देखें DCLR कोर्ट केस का स्टेटस, अगली तारीख और कोर्ट ऑर्डर

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बिहार में जमीन विवाद से जुड़े मामलों की जानकारी अब ऑनलाइन उपलब्ध है। जानिए DCLR कोर्ट में चल रहे केस का स्टेटस, अगली तारीख और कोर्ट ऑर्डर देखने का पूरा तरीका।

पटना/आलम की खबर:  Bihar में जमीन विवाद लंबे समय से गंभीर समस्या बना हुआ है। गांव से लेकर शहर तक रैयती जमीन, सरकारी भूमि, दाखिल-खारिज, अतिक्रमण और कब्जे को लेकर आए दिन विवाद सामने आते रहते हैं। कई मामलों में छोटी कहासुनी बड़े संघर्ष में बदल जाती है और कानून-व्यवस्था तक प्रभावित हो जाती है। राज्य में होने वाले अनेक आपराधिक मामलों के पीछे भी भूमि विवाद को प्रमुख कारण माना जाता है। यही वजह है कि बिहार सरकार ने वर्षों पहले भूमि विवादों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष कानूनी व्यवस्था लागू की थी, ताकि लोगों को न्याय के लिए लंबे समय तक भटकना न पड़े और प्रशासनिक स्तर पर मामलों का समाधान तेजी से हो सके।

भूमि विवादों की बढ़ती संख्या को देखते हुए राज्य सरकार ने वर्ष 2009 में बिहार भूमि विवाद निराकरण अधिनियम यानी BLDR Act लागू किया था। यह व्यवस्था 2010 से प्रभावी हुई और इसके तहत जमीन संबंधी मामलों की सुनवाई के लिए अलग प्रशासनिक प्रक्रिया बनाई गई। सरकार ने डिप्टी कलेक्टर लैंड रिफॉर्म्स यानी DCLR को भूमि विवाद मामलों के निपटारे की जिम्मेदारी सौंपी। इसके बाद से कब्जा विवाद, रास्ता विवाद, दाखिल-खारिज, सीमांकन, अतिक्रमण और जमीन से जुड़े कई मामलों की सुनवाई DCLR कोर्ट में होने लगी। आज भी राज्य के लगभग सभी जिलों में DCLR कोर्ट जमीन विवादों के समाधान में अहम भूमिका निभा रहा है।

समय के साथ तकनीक का विस्तार हुआ तो सरकार ने भूमि विवाद से जुड़े मामलों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में भी काम शुरू किया। पहले लोगों को अपने केस की जानकारी के लिए बार-बार अंचल कार्यालय, अनुमंडल कार्यालय या DCLR कोर्ट का चक्कर लगाना पड़ता था। कई बार सिर्फ अगली तारीख जानने के लिए भी पूरा दिन खर्च हो जाता था। लेकिन अब सरकार ने इस प्रक्रिया को काफी आसान बना दिया है। अब कोई भी व्यक्ति घर बैठे अपने मोबाइल या कंप्यूटर से इंटरनेट के माध्यम से DCLR कोर्ट में चल रहे केस की स्थिति देख सकता है।

ऑनलाइन व्यवस्था शुरू होने के बाद लोगों को सबसे बड़ी राहत यह मिली है कि अब उन्हें हर छोटी जानकारी के लिए कार्यालय नहीं जाना पड़ता। केस की अगली सुनवाई की तारीख, वर्तमान स्थिति, कोर्ट का आदेश और कई मामलों में आदेश की कॉपी तक ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही है। इससे न केवल समय की बचत हो रही है बल्कि पारदर्शिता भी बढ़ी है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी अब साइबर कैफे या मोबाइल इंटरनेट की मदद से अपने मामले की जानकारी आसानी से प्राप्त कर रहे हैं।

अगर आपका कोई मामला DCLR कोर्ट में लंबित है और आप उसका स्टेटस देखना चाहते हैं तो सबसे पहले बिहार भूमि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट खोलनी होगी। इसके लिए आप Bihar Bhumi Portal⁠� पर जा सकते हैं। वेबसाइट खुलने के बाद वहां भूमि विवाद या केस स्टेटस से जुड़ा विकल्प दिखाई देता है। संबंधित सेक्शन में जाने के बाद जिला, अनुमंडल और केस नंबर जैसी जानकारी भरनी होती है। इसके बाद स्क्रीन पर आपके केस की पूरी जानकारी दिखाई देने लगती है।

ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी में केस नंबर, पक्षकार का नाम, अगली सुनवाई की तारीख, वर्तमान स्थिति और कोर्ट द्वारा पारित आदेश जैसी जानकारियां शामिल रहती हैं। कई मामलों में आदेश की पीडीएफ कॉपी भी डाउनलोड की जा सकती है। इससे लोगों को अपने वकील या बिचौलियों पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना पड़ता। खास बात यह है कि यह सुविधा 24 घंटे उपलब्ध रहती है, इसलिए लोग अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

भूमि विवाद मामलों में डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद प्रशासनिक प्रक्रिया में भी तेजी आई है। पहले फाइलों की खोज और रिकॉर्ड अपडेट करने में काफी समय लगता था, लेकिन अब अधिकतर रिकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज किए जा रहे हैं। इससे अधिकारियों को भी मामलों की मॉनिटरिंग करने में सुविधा मिल रही है। राज्य सरकार का मानना है कि ऑनलाइन सिस्टम से भ्रष्टाचार और अनावश्यक देरी पर भी काफी हद तक रोक लगेगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि बिहार जैसे राज्य में, जहां भूमि विवाद वर्षों से सामाजिक तनाव और हिंसा का कारण बनते रहे हैं, वहां डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम काफी प्रभावी साबित हो सकता है। इससे आम लोगों को न्यायिक प्रक्रिया की जानकारी समय पर मिल सकेगी और पारदर्शिता बढ़ेगी। साथ ही केस की स्थिति छिपाने या तारीख बदलने जैसी शिकायतों में भी कमी आएगी।

हालांकि कई ग्रामीण इलाकों में अभी भी इंटरनेट और तकनीकी जानकारी की कमी एक चुनौती बनी हुई है। ऐसे में सरकार की कोशिश है कि पंचायत स्तर तक लोगों को डिजिटल सेवाओं की जानकारी दी जाए। कॉमन सर्विस सेंटर यानी CSC के माध्यम से भी लोगों को DCLR केस स्टेटस देखने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इससे तकनीक से दूर लोग भी सरकारी सेवाओं का लाभ उठा पा रहे हैं।

राज्य सरकार लगातार भूमि सुधार और रिकॉर्ड डिजिटाइजेशन की दिशा में काम कर रही है। ऑनलाइन दाखिल-खारिज, जमाबंदी, भू-नक्शा और अब DCLR केस स्टेटस जैसी सेवाओं ने आम लोगों के लिए सरकारी प्रक्रिया को पहले की तुलना में काफी आसान बना दिया है। आने वाले समय में सरकार इस सिस्टम को और मजबूत बनाने की तैयारी में है ताकि जमीन विवादों का निपटारा अधिक पारदर्शी और तेज गति से हो सके।

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